मेरा भारत महान, घर घर तिरंगा- हर घर तिरंगा - डॉ एमपी सिंह

अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष व देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफ़ेसर एमपी सिंह ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री के आवाहन पर आजादी का अमृत महोत्सव पूरे भारतवर्ष में मनाया जा रहा है जिसमें 13 अगस्त से 15 अगस्त तक हर घर पर तिरंगा फहराने की अपील की गई है इसलिए सभी को अपनी स्वेच्छा से अपने घरों के ऊपर  तिरंगा फहराना चाहिए ताकि एकता दिखाई पड़े

 डॉ एमपी सिंह ने कहा कि इस तिरंगा को फहराने के लिए सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद ,सरदार भगत सिंह ,सुखदेव, राजगुरु, अशफाक उल्ला खान ,रामप्रसाद बिस्मिल आदि ने अपनी शहादत दी इस आजादी की लड़ाई में महात्मा गांधी ,सरदार वल्लभभाई पटेल, भीमराव अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू, झांसी की रानी लक्ष्मीबाई आदि की अहम भूमिका रही 

डॉ एमपी सिंह ने बताया कि इस तिरंगे में तीन रंग होते हैं जिसमें केसरी रंग ताकत, सफेद रंग ईमानदारी और शांति तथा हरा रंग हरियाली और संस्कृति को दर्शाता है किसके बीचो बीच धर्म चक्र सुशोभित होता है इसका आकार तीन अनुपात 2 का होता है

 डॉ एमपी सिंह ने अपने देश की महानता का वर्णन करते हुए कहा कि भारत ऋषि-मुनियों की भूमि है इसमें कपिल, कणाद, गौतम, व्यास, पतंजलि ,अष्टावक्र, शंकराचार्य, गोरखनाथ, संत नामदेव ,कबीरदास, सूरदास,  संत रैदास, तुलसीदास ,मीराबाई ,गुरु नानकदेव, गुरु गोविंद सिंह चैतन्य महाप्रभु, तुकाराम ,समर्थ रामदास ,रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद ,स्वामी दयानंद सरस्वती आदि पैदा हुए हैं इसमें गंगा, यमुना ,सतलुज, गोदावरी जैसी अनेकों नदियां है इसमें कश्मीर, नैनीताल ,शिमला, कुल्लू, मनाली जैसी प्राकृतिक सौंदर्य वाली जगह है इसमें सीवी रमन, जगदीश चंद्र बसु , रामानुजम ,आर्यभट्ट जैसे वैज्ञानिक पैदा हुए हैं भारत एक लोकतांत्रिक देश है जिसमें बाबा साहब का संविधान लागू है

 डॉ एमपी सिंह ने बताया कि इसमें नीलगिरी की पहाड़ियां, एलोरा की गुफाएं आदि हैं इसमें बर्फीले पहाड़ और घने जंगल है इसमें सभी प्रकार के मौसम आते हैं इसमें दिवाली, होली, क्रिसमस ,ईद सभी मिलकर मनाते हैं यह सोने की चिड़िया और धर्म गुरु के नाम से जाना जाता है इसकी राष्ट्रभाषा हिंदी है

 डॉ एमपी सिंह ने बताया कि भारत एक कृषि प्रधान देश है इसमें अनेकता में एकता है यह कृष्ण कन्हैया और मर्यादा पुरुषोत्तम राम की पावन भूमि है यहां पर सुई से लेकर हवाई जहाज तक बनाए जाते हैं आज भारत में कंप्यूटर के जरिए सारा काम हो रहा है

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