प्रदूषण का बढ़ता स्तर पर्यावरण के लिए है -डॉ एमपी सिंह

अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष व देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफ़ेसर एमपी सिंह का कहना है कि दीपावली गोवर्धन पर समाज के अधिकतम लोग बम पटाखे चलाकर दीपावली मनाने का इजहार करते हैं जिससे अनेकों गरीबों की झोपड़ियां जलकर ध्वस्त हो जाती हैं अनेकों पेट्रोल और डीजल की गाड़ियां आग के हवाले हो जाती हैं अनेकों बच्चे और जवान बम- पटाखों की बलि चढ़ जाते हैं लेकिन फिर भी सही ज्ञान की अनुभूति नहीं होती है 

डॉ एमपी सिंह का कहना है कि प्रदूषित वायु में सांस लेने से फेफड़े खराब करने के लिए तो हम तैयार हैं लेकिन शुद्ध ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए पेड़ पौधे लगाने के लिए तैयार नहीं है

 डॉ एमपी सिंह का कहना है कि ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए अस्पतालों में लाखों रुपए तो खर्च कर सकते हैं लेकिन वायुमंडल को प्रदूषण से बचाने के लिए साफ सफाई और पानी का छिड़काव  नहीं कर सकते हैं यह बहुत ही चिंतन की बात है

 डॉ एमपी सिंह ने अपना चिंतन व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिकता की दौड़ में दिन प्रतिदिन प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है पर्यावरण में अचानक प्रदूषण के बढ़ने से तापमान में तेजी देखी जा रही है प्रदूषण के बड़े स्तर की वजह से बीमारियां बढ़ रही हैं और समय पर बरसात भी नहीं हो पा रही है जीव -जंतु भी विलुप्त हो रहे हैं वैश्विक संकट गहराने लगा है पृथ्वी मंडल से वायुमंडल तक विचरण करने वाले जीव जंतु सभी इस प्रदूषण से परेशान हैं और मौत और जिंदगी से जूझ रहे हैं वनों की अंधाधुंध कटाई हो रही है जिसके परिणाम स्वरूप ग्लोबल वार्मिंग, चक्रवात ,बाढ़ ,तूफान आदि का खतरा दुनियाभर पर मंडरा रहा है 

डॉ एमपी सिंह ने बताया कि उक्त सभी बातों से बचा जा सकता है यदि हम अपनी जागरूकता का परिचय दे दें और मानवीय गुणों को अपना लें तथा प्रकृति प्रेमी बन जाए और प्रकृति को जानने और समझने लगे

डॉ एमपी सिंह का कहना है कि दीपावली दीपोत्सव है इसलिए दीपक जलाकर महालक्ष्मी जी का पूजन कर, गोवर्धन पूजन कर, बहनों का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए तथा एक दूसरे को मिठाई खिलाकर मुंह मीठा कराना चाहिए

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