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ओमेक्स हाइट में सुरक्षित पर्यावरण आज और कल पर कार्यक्रम किया गया -डॉ एमपी सिंह

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अतिरिक्त उपायुक्त फरीदाबाद के दिशा निर्देशानुसार प्रोजेक्ट ऑफिसर रवी कांत शर्मा ने ओमेक्स हाइट्स सोसायटी में सुरक्षित पर्यावरण आज और कल पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफेसर एमपी सिंह ने कहा कि हमें समय रहते पर्यावरण को मुक्त करके सुरक्षित कर लेना चाहिए इस सदी में विकास के नाम पर पर्यावरण को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है पर्यावरण संरक्षण के बिना लंबे समय तक स्वस्थ और जीवित नहीं रहा जा सकता है मानव गतिविधियों ने पर्यावरण को बड़े स्तर पर दूषित कर दिया है पर्यावरण को स्वच्छ और हरा भरा रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है आज स्वच्छ हवा मीठा पानी नहीं मिल पा रहा है तथा डीजल के वाहन अत्यधिक प्रदूषण फैला रहे हैं उनके स्थान पर ई व्हीकल को चुनना चाहिए इस अवसर पर डीपीआरओ राकेश गौतम व गौड साहब ने भी अपना संबोधन रखा

महावीर कॉलोनी में संस्कार की पाठशाला का आयोजन किया - डॉ एमपी सिंह

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अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में 75 सप्ताह 75 संस्कार की पाठशालाओ का आयोजन कर रहा है जिसके तहत आज बल्लभगढ़ स्थित महावीर कॉलोनी के एक प्राइवेट स्कूल के कैंपस में संस्कार की पाठशाला लगाई जिसमें देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफ़ेसर एमपी सिंह ने कहा कि उत्तम संस्कारों के द्वारा ही मनुष्य कामयाबी को प्राप्त करता है गलत संस्कारों की वजह से वह लड़ाई झगड़ा आतंकवाद उत्पाद आदि करता रहता है जिसकी वजह से पुलिस थाना कोर्ट कचहरी होते रहते हैं  सभी समस्याओं से शिक्षित व्यक्ति अपना बचाव कर पाता है इसलिए बचपन में 1 साल से 10 साल तक के बच्चे में संस्कार डालने के लिए अधिकतम समय उसके साथ गुजारना चाहिए उसकी बोली भाषा को समझना चाहिए उसके प्रश्नों का जवाब शालीनता से देना चाहिए गुस्सा नहीं करना चाहिए अधिक डांट फटकार  नहीं करनी चाहिए बाजारी वस्तुओं को नहीं खिलाना चाहिए हाट बाजार में नहीं घुमाना चाहिए पिकनिक मनाने के लिए बार-बार जगह-जगह नहीं लेकर जाना चाहिए क्योंकि जैसी आदत आप उसकी बनाते हैं वैसी ही उस बच्चे की बन जाती है यदि वह बाहर जाता है और क...

नारी उन्मूलन पर महिला थाना मे किया गया सेमिनार -डॉ एमपी सिंह

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देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफ़ेसर एमपी सिंह ने बल्लभगढ़ स्थित महिला थाने में नारी उन्मूलन में महिला पुलिस की भूमिका पर एक दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें महिला थाने के अंतर्गत कार्य करने वाले अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे इस अवसर पर डॉ एमपी सिंह ने दुर्गा शक्ति ऐप और डायल 112 के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा खाकी वर्दी का महत्व बताते हुए कहा कि हमें इसके सम्मान के साथ बहन बेटियों की रक्षा सुरक्षा भी करनी चाहिए यदि किसी बहन बेटी का उत्पीड़न हो रहा है तो उसकी तुरंत मदद करनी चाहिए अन्यथा उसकी जान खतरे में पड़ सकती है समाज के कुछ लोग दहेज के नाम पर घरेलू हिंसा करते हैं तो कुछ लोग शराब पीने के बाद गाली गलौज और मारपीट करते हैं कुछ सोशल मीडिया चलाने पर तो कुछ इंस्टाग्राम फेसबुक वीडियो चैटिंग व्हाट्सएप कॉल ईमेल आदि के नाम पर कुछ गरीबी का फायदा उठाते हैं तथा कुछ मासूमियत का इसलिए समय रहते यदि महिला पुलिस उनके साथ खड़ी हो जाती है तो उनकी हिम्मत बन जाती है अन्यथा पुलिस का रास्ता बताने वाले एप्लीकेशन लिखवाने वाले और मदद करने वाले भी उनका शोषण करते ह...

आदर्श नगर में लगाई संस्था की पाठशाला -डॉ एमपी सिंह

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अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट के द्वारा आदर्श नगर में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 75 सप्ताह 75 संस्कार की पाठशाला के अंतर्गत संस्कार की पाठशाला लगाई गई जिसमें देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफ़ेसर एम पी सिंह ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि माता सबसे पहली शिक्षक होती है वह जैसे संस्कार बच्चे में डाल देती है वही आगे भविष्य में दिखाई पड़ते हैं इसलिए बचपन में माताओं को विशेष ध्यान रखना चाहिए  उन्होंने कहा कि जब बच्चे की उम्र 1 साल से 5 साल तक की हो तब तक उसे गहरी नींद सोने देना चाहिए ऊंची आवाज में उसके साथ बात नहीं करनी चाहिए बात-बात पर डांटना फटकार ना नहीं चाहिए उसकी इच्छा के आधार पर दूध व अन्य खाद्य पदार्थ देना चाहिए मोबाइल देकर उसको बहलाना नहीं चाहिए गली  मैं स्थित दुकानों पर नहीं लेकर जाना चाहिए कोल्ड ड्रिंक जैसे पेय पदार्थ से दूर रखना चाहिए तथा पिज्जा बर्गर चौमिन व अन्य फास्ट फूड नहीं खिलाना चाहिए स्नान कराते समय विशेष ध्यान कर रखना चाहिए तथा उचित समय पर मालिश करनी चाहिए जगह जगह घुमाने के लिए उस बच्चे को नहीं लेकर जाना चाहिए भूत आदि क...

प्रभावी बोलचाल के तरीकों को अपनाकर प्रशासनिक कार्यों को अति शीघ्र निपटाया जा सकता है -डॉ एमपी सिंह

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मोटिवेशनल स्पीकर और लाइफ कोच डॉ एमपी सिंह का कहना है कि आईएएस और एचसीएस अधिकारी हमेशा बड़े अधिकारी ही रहते हैं उनकी कलम में ताकत होती है इसलिए उन्हें कभी अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए यदि सीनियर अधिकारी अपने जूनियर अधिकारी को निश्चित अवधि देकर कार्य की रिपोर्ट चाहते हैं तो जूनियर अधिकारी समय रहते उस रिपोर्ट को देने के लिए बाध्य होते है अन्यथा उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जा सकती है एक भ्रष्ट और करप्ट कर्मचारी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने पर सभी की आंखें हो जाती हैं और सभी नियमानुसार अपने कार्य को निपटाना शुरू कर देते हैं निम्न स्तर के अधिकतर कर्मचारी पब्लिक को इधर से उधर घूमाते रहते हैं और पब्लिक परेशान होकर उनके अनुसार समझौता कर लेती है जिससे उन कर्मचारियों की आदत खराब हो जाती हैं और वहीं से भ्रष्टाचार शुरू हो जाता है यदि सार्वजनिक स्थान पर एक शिकायत पत्र रख दिया जाए और जिन लोगों को जिस कर्मचारी से परेशानी होती है उसकी शिकायत उस शिकायत पेटिका में डाल दी जाए समय रहते उन शिकायतों पर सुनवाई की जाए तब कुछ ही समय में व्याप्त भ्रष्टाचार खत्म हो जाएगा  डॉ एमपी सिंह का कहना है ...

मेवला महाराजपुर में सुखी दांपत्य जीवन पर सेमिनार का आयोजन -डॉ एमपी सिंह

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6 जून 2023 अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट ने मेवला महाराजपुर में सुखी दांपत्य जीवन पर एक सेमिनार का आयोजन किया जिसमें देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफ़ेसर एमपी सिंह ने बड़े चिंतन के आधार पर दांपत्य जीवन के टूटने के कारणों पर प्रकाश डाला और कहा कि जो निम्नलिखित मुद्दों को अपने ध्यान में रखेगा और साथ ही साथ समाधान करता चलेगा उसका दांपत्य जीवन सुखी रहेगा दांपत्य जीवन अलग होता है पद और प्रतिष्ठा अलग होती है  अधिकतर लोग कहते हैं कि यह कम पढ़ी लिखी है या कम पढ़ा लिखा है इसलिए समझ नहीं है इसलिए रिश्ते खराब हो रहे हैं लेकिन डॉ एमपी सिंह का कहना है कि पहले लोग पढ़े-लिखे नहीं थे क्या अनपढ़ लोगों के घर अच्छे नहीं चलते थे पहले सभी की शादी नहीं हुआ करती थी लेकिन फिर भी परिवार खुशहाल हुआ करते थे  कुछ लोग नशे का बहाना लेकर कह देते हैं कि यह नशेड़ी है  पहले तो आदमी ही शराब पिया करता था लेकिन आजकल तो महिलाएं भी बीड़ी सिगरेट तंबाकू और शराब का सेवन कर रही है  पहले इंसान कमाया करते थे और महिलाएं घर में बैठकर बच्चों की परवरिश और घर का कार्य किया करती थ...

दुखद घटना है लेकिन विचारणीय- डॉ एमपी सिंह

अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ एमपी सिंह ने सच्ची घटना का जिक्र करते हुए लोगों को प्रेरित करने का काम किया है डॉ एमपी सिंह राजा गार्डन के 731 मकान नंबर में रहते हैं उनके सामने वाली रो मे एक धोबी का मकान है जिसने दो शादी की थी पहली से एक लड़का है और दूसरे से भी एक लड़का है पहली से जो लड़का है वह दिव्यांग है लेकिन टेलर मास्टर का कार्य करके अपनी ठीक से गुजर बसर कर रहा है जिसके दो बच्चे हैं एक बीटेक कर रहा है और दूसरी बच्ची एवीएन स्कूल सेक्टर 19 में पढ़ रही है दूसरी से जो बच्चा है वह नशे का आदी हो गया है इसलिए कुछ कार्य नहीं करता है उसकी पत्नी अपार्टमेंट में प्रेस का कार्य करके अपने बच्चों का भरण पोषण कर रही है उसके तीन बच्चे हैं दो बड़ी बेटियां और एक बेटा जोकि दयानंद स्कूल सेक्टर 16 में पढ़ रहे हैं  दूसरी पत्नी का नाम पुष्पा था जिसकी आज कैंसर के कारण मृत्यु हो गई है वह मेरे पास पिछली 15 सालों में अपनी विशिष्ट कामों के लिए चार बार आई थी एक बार बच्चे का दाखिला कराने के लिए फोन करवाया था एक बार फीस माफी के लिए फोन करवाया था एक बार घरेलू बिबाद के समझौते के लिए सलाह...

तिगांव में लगाई संस्कार की पाठशाला -डॉ एमपी सिंह

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4 जून 2023 को अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट ने आजादी के अमृत महोत्सव पर 75 सप्ताह 75 पाठशाला के तहत तिगांव में अलग-अलग स्थानों पर संस्कार की पाठशाला लगाई जिसमें देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफ़ेसर एमपी सिंह ने घर परिवार तथा देश की मजबूती के लिए बताया कि संस्कारों का होना बहुत जरूरी होता है जिस बच्चे में संस्कार नहीं होते हैं वह बना हुआ भी बिगाड़ देता है सुरक्षित को भी नुकसान पहुंचा देता है घर परिवार के सदस्यों को भी उलझन मैं डाल देता है मतभेद और मनभेद करा देता है इसलिए बचपन में ही संस्कारों पर ज्यादा से ज्यादा जोर देना चाहिए सुबह जल्दी उठाना, दिनचर्या को सही तरीके से कराना, बड़ों का सम्मान करने की सीख देना, सच बोलने के लिए प्रेरित करना, अपना काम अपने आप करने के लिए प्रेरित करना ,असभ्य और अश्लील  लोगों से दूर रखना, स्वास्थ्यवर्धक भोजन देना, साफ सफाई के लिए प्रेरित करना तथा नशे से दूर रहने की नसीहत देना आदि  इस अवसर पर डॉ एमपी सिंह ने पर्यावरण को बचाने की भी सीख दी यदि बच्चा बचपन में पेड़ पौधे लगाने सीख लेता है तो भविष्य में पेड़ ...

डॉ एमपी सिंह के द्वारा किए गए कार्य

डॉ एमपी सिंह ने अनेकों विषयो में मास्टर डिग्री की है तथा गणित स्टैटिसटिक्स एजुकेशन तथा सोशल वर्क में डॉक्टरेट की है अनेकों महाविद्यालय और विश्वविद्यालयों में पढ़ाया है वर्तमान में फ्री लांच कार्य कर रहे हैं जिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है इसीलिए वह विभिन्न विषयों पर देश की एकता अखंडता और समृद्धि के लिए कार्य कर रहे हैं  डॉ एमपी सिंह चीफ वार्डन सिविल डिफेंस व विषय विशेषज्ञ आपदा प्रबंधन  कोविड-19 कोऑर्डिनेटर  स्वीप के कोऑर्डिनेटर  ऐड्स कंट्रोल सोसायटी के अधिकृत मोटीवेटर  आईएसबीटीआई के अधिकृत मोटीवेटर  भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी और सेंट जॉन एंबुलेंस इंडिया के आजीवन सदस्य  हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद का आजीवन सदस्य  मैथमेटिक्स ओलंपियाड के सदस्य  एंटी करप्शन फ्रंट के एग्जीक्यूटिव मेंबर  गो सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष  अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष  ऑल इंडिया हुमन राइट्स ऑप्शन के राष्ट्रीय अध्यक्ष है   वर्तमान में बतौर समाजसेवी लोगों के सुख-दुख मैं काम आ रहे हैं और समस्याओं का निदान क...

एकलव्य इंस्टिट्यूट में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया -डॉ एमपी सिंह

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31 मई 2023 अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट ने एकलव्य इंस्टिट्यूट में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जिसमें देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफेसर एमपी सिंह ने कहा कि सिगरेट बनाने वाली कंपनियां आपका फेफड़ा जलाकर करोड़ों रुपए कमा रही हैं सिगरेट पीने की वजह से मुंह और गले का कैंसर हो रहा है जिसकी वजह से 13 लाख लोग हर साल अपनी जान गवा रहे हैं कुछ लोगों को परिवार के सदस्य बचाना चाहते हैं जिसमें उनके मकान दुकान बिक जाते हैं लेकिन फिर भी बचाने में असमर्थ रहते हैं इसलिए हम सब का नैतिक दायित्व बनता है कि जागरूक इंसान को अन्य लोगों को भी जागरूक करना चाहिए और सिगरेट का सेवन करने वालों की लत को छुड़ाने में अपना भरसक प्रयत्न करना चाहिए  डॉ एमपी सिंह ने कहा कि सिगरेट के तंबाकू में निकोटिन नाम का नशीला पदार्थ होता है जो डोपामाइन नाम के हार्मोन को रिलीज करता है जिससे थोड़ी देर के लिए दिमाग रिलैक्स हो जाता है इसी वजह से अधिकतर लोग सिगरेट को नहीं छोड़ पाते हैं लेकिन जब शारीरिक दुख और तकलीफ सहन नहीं होता हैं और दुनियादारी की बातें सुनने को मिलती है तब बीड़ी सिगरेट की तरफ हाथ भी नहीं...

प्रेरणास्पद कहानियां

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प्रेरक कहानियों से सभी को प्रेरणा और सीख मिलती है इन कहानियों से व्यावहारिक सीख मिलती है विनम्रता आती है वचनबद्धता और निपुणता आती है प्रेरणास्पद कहानियों से बड़ों का आदर सम्मान करना बहन बेटियों की इज्जत करना माता पिता और गुरु का सम्मान करना समय पर अपने कार्य को करना सच बोलना जीवो पर दया करना अहिंसा वादी हो ना बुरी संगति से बचना लक्ष्य की प्राप्ति करना बुद्धि और विवेक से काम देना आलस्य ना करना चरित्र निर्माण करना अपने कार्य को ईमानदारी से करना भ्रमित ना होना भ्रम जाल में ना फंसना झूठ बोलकर अपना प्रभाव ना दिखाना किसी के साथ ठगी ना करना षड्यंत्र के तहत किसी को नुकसान ना पहुंचाना वफादार बनना नैतिक मूल्य पर कार्य करना आदि की सीख मिलती है लेकिन कुछ कहानियां अध्यापकों के द्वारा कक्षा में पढ़ाई जाते हैं और कुछ कहानियां दादा दादी की गोदी में सीखी जाती है कुछ प्रेरक कहानी सफल लोगों के मुखारविंद से सुनी जाती हैं तो कुछ ग्राम बस्ती के बड़े बूढ़े सम्मानित लोगों के मुखारविंद से सुनी जाती हैं कहानियों के माध्यम से अधिकतर समस्याओं का समाधान हो जाता है और तर्क करने की शक्ति भी आ जाती है अपने पूर्वजों क...

फरीदपुर में संस्कार की पाठशाला हुई संपन्न- डॉ एमपी सिंह

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आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर 75 सप्ताह 75 संस्कार की पाठशालाओं के तहत अखिल भारतीय मानव कल्याण ट्रस्ट ने फरीदपुर में संस्कार की पाठशाला लगाई जिसमें देश के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद समाजशास्त्री दार्शनिक प्रोफ़ेसर एमपी सिंह बतौर मुख्य वक्ता उपस्थित रहे  डॉ एमपी सिंह ने कहा कि देश की उन्नति और समृद्धि के लिए आम नागरिक को जागरूक होना बेहद जरूरी है समाज में नशा एक बुराई के रूप में अभिशाप बनकर उभर रहा है जिससे मुक्ति दिलाना हम सभी की जिम्मेदारी है सर्वप्रथम हमारे घर में नशा करने वाले लोगों को नशे की बुराइयों के बारे में बता कर उनके व्यवहार में परिवर्तन करना चाहिए तथा स्वास्थ्यवर्धक भोजन देना चाहिए गंदी संगति से बचाना चाहिए अधिकतम उनको व्यस्त रखना चाहिए उनको प्यार देना चाहिए उनका तिरस्कार नहीं करना चाहिए  इस अवसर पर डॉ एमपी सिंह ने बुजुर्गों और नन्हे-मुन्ने बच्चों को को ही देवी देवता की संज्ञा में रखा और निवेदन किया कि कहीं पर भी अपने बच्चों को लेकर जब आप यात्रा करने निकलते हैं और अपने बीमार बूढ़े असहाय दिव्यांग माता-पिता को उनके हाल पर छोड़ कर चले जाते हैं तो उनकी पूजा पूरी नहीं होती...

डॉ एमपी सिंह की उपदेश, ज्ञान और मानव अधिकार की महत्वपूर्ण बातें

अधिकतर अल्प ज्ञानी एक ही प्रश्न करते हैं कि भगवान कहां रहते हैं उनका जवाब देते हुए डॉ एमपी सिंह ने कहा कि एक बोतल में गंगा जी का पानी और दूसरी बोतल में पोखर का पानी भरकर रख दो कुछ समय के बाद आप देखेंगे कि पोखर का पानी खराब हो जाता है बदबू मारने लगती है कीड़े पड़ जाते हैं लेकिन गंगा जी के पानी में ऐसा कुछ भी नहीं होता है  दूसरा उदाहरण देते हुए डॉ एमपी सिंह ने कहा कि एक पत्थर को तोड़ने पर उसमें से जीव निकलता है वह जीव कुछ पत्थर में कैसे गया और किस प्रकार से उसे भोजन की प्राप्ति हो रही है कौन उसको जीवन दे रहा है  तीसरा उदाहरण देते हुए डॉ एमपी सिंह ने कहा कि एक भ्रूण मां के गर्भ में कहां से आता है उसकी देखभाल और खाने पीने की व्यवस्था कौन करता है  चौथा उदाहरण देते हुए डॉ एमपी सिंह ने कहा की जमीन में जब कुछ भी डालते हैं तो कुछ समय के बाद वह अंकुरित हो जाता है और पौधा का रूप धारण कर लेता है लेकिन खाद पानी देकर कुछ समय के बाद देखते हैं कि उस पर फल और फूल आने लगते हैं यह सब किसके द्वारा किया जा रहा है  डॉ एमपी सिंह ने बताया कि मनुष्य की संरचना कैसी है और किसने बनाई है क्या ऐस...